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Akhiri yatri

 शीर्षक: "आखिरी यात्री" लखनऊ के व्यस्त रेलवे स्टेशन पर रात के अंतिम पहर में एक बूढ़ा आदमी प्लेटफार्म के किनारे एक बेंच पर बैठा था। उसके कपड़े पुराने और फटे हुए थे, आंखों में गहरी उदासी थी, और कांपते हाथों में एक पुराना टिकट दबा हुआ था। टिकट पर तारीख तीन साल पुरानी थी।  https://knownamount.com/bO3IV/0.Pr3nptvEbAmmV-JxZnDx0/2kMPDzYMzbMczZYw1PLDTeYqwvN/jHMKzSNmjvYq रेलवे पुलिस के एक सिपाही ने उसे देखा और पास आकर पूछा, "बाबा, कहां जाना है?" https://knownamount.com/bO3IV/0.Pr3nptvEbAmmV-JxZnDx0/2kMPDzYMzbMczZYw1PLDTeYqwvN/jHMKzSNmjvYq बूढ़े ने हल्की सी मुस्कान के साथ कहा, "बेटा, उसी ट्रेन का इंतजार कर रहा हूं, जो तीन साल पहले मुझे छोड़कर चली गई थी।" https://knownamount.com/bO3IV/0.Pr3nptvEbAmmV-JxZnDx0/2kMPDzYMzbMczZYw1PLDTeYqwvN/jHMKzSNmjvYq सिपाही ने हैरानी से कहा, "बाबा, वह ट्रेन तो अब बंद हो चुकी है। अब वह नहीं आएगी।" https://knownamount.com/bO3IV/0.Pr3nptvEbAmmV-JxZnDx0/2kMPDzYMzbMczZYw1PLDTeYqwvN/jHMKzSNmjvYq बूढ़े ने गहरी सांस ली और धीरे से कहा...